Thursday, 19 March 2020

RamNavmi(रामनवमी)



                           रामनवमी का महत्व   

    रामनवमी का त्योहार बेहद ही खास होता है, क्योकि इस दिन धरती से पाप का अंत करने और आदर्श  राज्य की परिकल्पना को सच मे बदलने के लिए भगवान श्रीराम ने जन्म लिया था। इसकी महिमा इतनी खास हैं कि अगर इस दिन भगवान राम का स्मरण और विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाए तो सारी मनोकामनाऐं पूरी होती है।


                             पौराणिक कथा  ‌

   हिन्दु धर्म-शास्त्रो के अनुसार त्रेतायुग में धरती से अत्याचारो दुर करने और धर्म की फिर से स्थापना करने के लिए भगवान विष्णु ने मृत्युलोक मे श्रीराम के रूप में जन्म लिया था। भगवान राम का जन्म चैत्र महिने के शुक्लपक्ष की नवमी के दिन पुनरवसुन नक्षत्र में और कर्क लग्न में अयोध्या में राजा दशरथ के घर हुआ था। उनकी माता का नाम कौशल्या। था। भगवान राम के जन्म के रूप में रामनवमी का त्योहार ब़डी़ धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन देशभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। रामनवमी के साथ ही चैत्र नवरात्री का भी समापन होता है। भगवान राम के जन्म लेने का असली मक्सद रावण जैसै दुष्ट इन्सान का विनाश करना था। इसलिए रामनवमी का उत्सव धन की शक्ति की महिमा, अच्छे और बुरे के बीच शाश्वत संघर्ष को दर्शाता है।


सूर्यदेव की पूजा

          रामनवमी की शुरूआत सूर्यदेव की प्रार्थना से की जाती हैं।सुर्य को शक्ति का प्रतिक माना जाता हैं।हिन्दु मान्यताओ के अनुसार  सूर्य को राम का पूर्वज भी माना जाता हैं।रामनवमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से सर्वोच्च शक्ति का आशीर्वाद मिलता हैं।



अयोध्या में खासतौर से मनाई जाती है रामनवमी

              भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था।इसी वजह से अयोध्या में रामनवमी खासतौर से मनाई जाती हैं।रामनवमी के दिन बहोत संख्या में श्रद्राणु अयोध्या पहोचते हैं और पवित्र सरयु नदी में स्नान करते हैं।इस स्नान का महत्व रामचरित-मानस मे बताया गया हैं।रामनवमी के दिन अयोध्या की हर गलीओं में भारे भीड उमटतीहैं। हर जगह पूजा-पाठ किये जाते हैं। घरों -मंदिरो में रामचरित-मानस का पाठ होता हैं। रामनवमी के दिन अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जाता हैं।

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